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Ratan Tata successor, Ratan Tata net worth, रतन टाटा स्टोरी इन हिन्दी

रतन टाटा भारत के सबसे बड़े और ईमानदार उद्योगपतियों में से एक हैं। Ratan Tata successor, Ratan Tata net worth, रतन टाटा स्टोरी इन हिन्दी उनका जन्म 28 दिसंबर 1937 को हुआ था. आज वे 85 साल के हो गए हैं। Ratan Tata एक बिज़नेस बैकग्राउंड परिवार से ताल्लुक रखते थे, Ratan Tata की मां का देहांत हो गया था और उनके पिता ने दूसरी शादी कर ली थी. इनके पिता का नाम नवल टाटा था तब रतन टाटा अपना ज्यादातर समय दादी और भाई के साथ बिताते थे। और उनकी मानसिकता एक उद्यमी की तरह थी.

इसलिए वह हर काम बहुत ही समझदारी से करते थे और हर काम को पूरी ईमानदारी से करते है. वे समय का खास ख्याल रखते हैं। वे अपना सारा काम समय से पहले कर लेते हैं। और अपनी तरफ से पूरी कोशिश करते हैं. कि मुलाकात चाहे किसी भी तरह की हो, समय से पहले पहुंच जाते है।

Ratan Tata successor

रतन टाटा भारत में अपने ही बिज़नेस में मजदूरों के साथ काम करते थे। फिर वे बिज़नेस से सम्बंधित जानकारी हासिल करने के लिए अमेरिका चले गए और वहां से कुछ स्किल्स सीखकर भारत में अपना बिजनेस शुरू किया और वे अपने बिजनेस में आगे बढ़े, आज उनकी 100 से ज्यादा कंपनियां हैं। वे अपनी हर बात पर खरे उतरते हैं। इसलिए उनका बिज़नेस बढ़ता गया। वह कहते है कि मैं निर्णय लेता हूं, फिर मैं गलत भी हूं तो उसे कैसे ठीक करूं, उनका दिमाग ऐसे ही काम करता है। वे गलत फैसलों से नहीं डरते। बल्कि उनका ध्यान इस बात पर रहता है कि गलत फैसले को कैसे ठीक किया जाए। क्योंकि गलत फैसले भी हमे कुछ ना कुछ सिखाकर जाते है. इसी पर उनका फोकस रहता है। वह एक समस्या हल करने वाले व्यक्ति हैं। समस्या उन्मुख नहीं।

ये बहुत ही दयालु व्यक्ति हैं। आइए जानते हैं। उनके करुणामय जीवन के बारे में।

यह भारत के बहुत उदार व्यक्ति हैं। इनके नाम पर कई जगह डोनेशन जाता है। वे अपनी आधी से ज्यादा संपत्ति दान में देते हैं। 65% शेयर टाटा के ही ट्रस्ट चेरीटेबल के पास है. ये 1994 में विकास कार्यो के लिए जे. आर. डी टाटा द्वारा स्थापित किया था इन ट्रस्ट के चेअरमैन रतन टाटा है ये पूरा का पूरा पैसा charity के अकाउंट में जाता है इनके खुद के अकाउंट में नही आता है. यही कारण है कि ये भारत के सबसे अमीर सूची कि लिस्ट में नंबर वन में नही आते है.

Why is Ratan Tata inspiration

अगर ये अपना 65% शेयर चैरिटी में नही दे तो ये पूरे एशिया के अमीर पर्सन कि सूची कि लिस्ट नंबर वन में आ जाए लेकिन ये ऐसा नही करते इनको गरीब लोगो की मदद करने में ज्यादा ख़ुशी मिलती है. इनको नंबर वन कि सूची में आने में कोई इंटरेस्ट नही ये अपना पैसा लोगो के हित के लिए व अपने भारत देश के लिए खर्चा करना पसंद करते है. इनका काम बहुत ही सराहनीय है.

और यहाँ तक कि इनके कर्मचारी इनके प्रति बहुत वफादार हैं। और वह अपने कर्मचारियों के प्रति बहुत वफादार है। वह हर संकट में अपने कर्मचारियों का समर्थन करते हैं। और इनके कर्मचारी अपना काम बहुत ईमानदारी से करते हैं। इसलिए इनका ताज होटल पूरी दुनिया में मशहूर है। क्योंकि इनके ताज होटल में सुरक्षा का पूरा इंतजाम है।

वे अपने अपमान का बदला जवाब देकर नहीं, बल्कि सफल होकर बदला लेते हैं। जब उन्हें टाटा मोटर्स में घाटा हो रहा था, तो उन्होंने इसे अमेरिका की फोर्ड कंपनी को बेचने का फैसला किया, लेकिन फोर्ड कंपनी के अध्यक्ष ने उनकी बहुत आलोचना की और रतन टाटा वहां से उठकर चले गए और उन्होंने उस सौदे को रद्द कर दिया और फैसला किया कि वह टाटा मोटर्स को नहीं बेचेंगे। टाटा मोटर्स को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए उन्होंने कुछ सालों तक काफी मेहनत की, आज उनकी टाटा मोटर्स 275 देशों में बिकती है। और आज Tata Motors की भारत में काफी बिक्री है.

What is so special about Ratan Tata?

रतन टाटा ने अगर किसी को वचन दे दिया है कि मै तुमसे मिलूँगा तो वो उनसे जरुर मिलते थे फिर चाहे उनकी फ्लाइट भी क्यों ना मिस हो जाये वे इसकी परवाह बिलकुल भी नही करते थे. वे एक बार किसी चीज़ को बोल देते है तो वे उसे पूरा जरुर करते है. रतन टाटा अपने वचन के बहुत ही पक्के है. ये कहावत उनकी लाइफ में बिलकुल परफेक्ट बैठती है कि प्राण जाए पर वचन ना जाये

Ratan Tata wife

इसलिए रतन टाटा ने शायद शादी नहीं की। आइए जानते हैं रतन टाटा ने शादी क्यों नहीं की ?

रतन टाटा ने शादी इसलिए नही कि क्योंकि उन्हें अमेरिका में एक अमेरिकी लड़की से प्यार हो गया था. और वे उसे वचन दे दिए थे कि मै शादी करूँगा तो तुम्ही से लेकिन जब वह अमेरिका में थे तब उनकी दादी का फ़ोन आया और उनकी दादी ने कहा कि बेटा भारत आ जाओ मेरी तवियत बहुत ख़राब है. अब मेरा आखिरी दिन चल रहा है तो रतन टाटा ने अपनी गर्लफ्रेंड को बोला कि चलो इंडिया चलते है।

लेकिन उनकी गर्लफ्रेंड के माता पिता ने उसे जाने से रोक दिया क्योंकि उस टाइम पे इंडिया चाइना का वार चल रहा था. रतन टाटा इन्तजार करते रहे कि उनकी गर्लफ्रेंड आएगी लेकिन उनकी गर्लफ्रेंड नही आयी और उसके माता पिता उस लड़की कि शादी वही अमेरिका में ही किसी और के साथ कर दिये इस कारण से रतन टाटा ने दूसरी शादी नही कि क्योंकि वे अपने वचन के बहुत पक्के थे।

रतन टाटा बायोग्राफी

इन्होने अपने बिज़नेस कैरियर कि शुरुआत 1962 में टाटा ग्रुप से शुरू करी जो कि इनकी पिता जी कि कंपनी थी ये अपने इस बिज़नेस को बहुत आंगे तक ले जाना चाहते थे इसलिए इन्होने अपनी पढाई 8 क्लास के बाद अमेरिका पढ़ने चले गए और वहां उन्होंने हार्वर्ड बिज़नेस स्कूल से पढाई पूरी कि इसके बाद इन्होने अपनी ग्रेजुएशन Aarchitect फील्ड से पूरी कि ये अपना कैरियर Aarchitect फील्ड में बनाना चाहते थे लेकिन इन्होने ऐसा नही किया क्योंकि इनके दिमाग में अपने बिज़नेस को आंगे ले जाने का ख्याल चल रहा था

और उन्होंने  फिर हार्वर्ड यूनिवर्सिटी से बिज़नेस मैनेजमेंट कि डिग्री ली और फिर वहां से आने के बाद वो अपने  बिज़नेस को अच्छी तरह से समझने के लिए टाटा ग्रुप मैनेजमेंट कंपनी में शामिल हो गये 1991में इनको टाटा ग्रुप का चैरमैन बनाया गया और ये अब तक बिज़नेस को काफी हद तक समझ गये थे और इसी कारण से ये अपने बिज़नेस को इंटरनेशनल कंपनी तक ले गए और भारत में अपना बिज़नेस बढ़ाने के साथ साथ वे अपने इस बिज़नेस को विदेशो तक बढ़ाते चले गए और इनका बिज़नेस काफी हद तक बढ़ गया इस वजह से इन्होने जैगवार, लैंड रोवर और भी कई कंपनियो को खरीद लिया और वे अभी भी व्यापार और औद्योगिक क्षेत्र में आगे बढ़ रहे हैं।

रतन टाटा नेट वर्थ

रतन टाटा की अब तक कि टोटल नेट वर्थ 291 बिलियन डॉलर हैं।

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