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Volleyball background, स्वास्थ्य के लिए वॉलीबॉल लाभ, वॉलीबॉल इतिहास

आज आप वॉलीबॉल के बारे में विस्तार से जानेंगे कि इसके नियम और कानून क्या हैं। Volleyball background, स्वास्थ्य के लिए वॉलीबॉल लाभ, वॉलीबॉल इतिहास इसके फायदे और नुकसान क्या है। आईए जानते है।

वॉलीबॉल का मैदान 18 गुणा 9 मीटर का होता है, जिसमें कुल 12 खिलाड़ी होते हैं और इसे दो हिस्सों में बांटा गया है. एक तरफ 6 खिलाड़ी होते हैं और दूसरी तरफ 6 खिलाड़ी होते हैं। इसके बीच में 1 मीटर का जाल बिछाया जाता है। वहीं नेट के लिए ऊंचाई 2.43 मीटर और एमएस के लिए 2.24 मीटर है। पोर्ट में, खिलाड़ी 3 आगे और 3 पीछे खड़े होते हैं। इसमें दाईं ओर एक हमलावर और बाईं ओर एक काउंटर हमलावर और केंद्र में एक केंद्र अवरोधक और पीछे, दाईं ओर एक यूनिवर्सल और बाईं ओर एक सेटर और बीच में एक लिबरो खड़ा होता है।

Volleyball game

वॉलीबॉल कौशल को परिपूर्ण करने के लिए इन विधियों का उपयोग किया जाता है।

(गुजरना, सेटिंग, स्पाइकिंग, अवरुद्ध करना, खोदना, सेवा करना)

Passing, Setting, Spiking, Blocking, Digging, Serving

इस खेल में, अपने हाथों का उपयोग करके गेंद को विरोधी टीम की ओर नेट के उपर से फेंकना होता है. उसी तरह  विरोधी टीम को गेंद वापस करने से पहले अपनी तरफ बाउंस होने  से पहले उसे रुकना होता है. और इनमें एक तरफ टीम के 6 खिलाड़ी होते हैं। जिनमें से तीन आक्रमण रेखा के आगे तथा तीन आक्रमण रेखा के पीछे खड़े होते हैं।

टीम एक अंक प्राप्त करती है जब वह प्रतिद्वंद्वी के बंदरगाह में फाउल करती है. और गेंद को विरोधी टीम को पास करने के लिए अपने साथी को तीन बार पास कर सकती है. तीसरी बार विरोधी टीम को पास करना होगा, अन्यथा सेट को फाउल माना जाएगा। कम से कम 2 लीड के साथ पहले 25 अंक हासिल करने वाली टीम, सेट जीत जाती है. तीन सेट जीतने वाली टीम को विजेता कहा जाता है।

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नियमन के नियम

  • Sharp करते समय पैरों को लाइन पर या उसके सामने रखना
  • बॉल को नेट के ऊपर से विरोधी टीम की तरफ से sharp न कर पाना
  • गेंद को गलत तरीके से मारना खेल के दौरान शरीर के किसी भी हिस्से को नेट से छूना मना है।
  • आप कितने भी अच्छे खिलाड़ी क्यों न हों, सुरक्षा नियम सबके लिए महत्वपूर्ण हैं।

वॉलीबॉल का इतिहास (History of volleyball)

  • वॉलीबॉल का जन्म 1895 में अमेरिका के निवासी विलियम जी मारेगन ने किया था।
  • 1896 में एलफर्ड हॉल स्टीड द्वारा इस खेल को वॉलीबॉल नाम दिया गया था। वॉलीबॉल का पुराना नाम मिंटोनेट है।
  • और वर्ल्ड वॉलीबॉल फेडरेशन की स्थापना 1947 में हुई थी, इसका मुख्यालय लुसाने (स्विट्जरलैंड) में है।
  • इसके वर्तमान अध्यक्ष आर्यग्राका फिल्हो हैं। जो (ब्राजील) का निवासी है।
  • इसका मुख्यालय बीजिंग (चीन) में है।

 

  • इसे 1964 में टोक्यो (जापान) में हुए ओलंपिक खेलों में शामिल किया गया था।
  • और इसे टोक्यो (जापान) 1958 में एशियाई खेलों में शामिल किया गया था
  • पहला पुरुष विश्व कप टूर्नामेंट 1949 में प्राग में चेकोस्लोवाक्ला में आयोजित किया गया था।
  • पहली महिला विश्व कप प्रतियोगिता 1952 में मास्को (USSR रूस) में हुई थी।
  • पहला अर्जुन पुरस्कार (ए. पलानी स्वामीजी) को 1961 में प्राप्त हुआ था

 

  • पहला द्रोणाचार्य पुरस्कार (ए. रमन्ना राव जी) को 1990 में प्राप्त हुआ था।
  • यह खेल भारत में 1922 में खेला जाने लगा।
  • यह संगठन 1920 में YMCA द्वारा शुरू किया गया था
  • पहली अंतर-राज्यीय चैंपियनशिप का आयोजन भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) द्वारा 1936 में किया गया था।
  • और वॉलीबॉल फेडरेशन ऑफ इंडिया VFI की स्थापना 1951 में हुई थी।

वॉलीबॉल शरीर के लिए लाभ

इसे खेलने के कई फायदे हैं, इसे  खेलने से पूरे शरीर की एक्सरसाइज हो जाती है, शरीर में फंसी मांसपेशियां खुल जाती हैं। हमारा शरीर सक्रिय और स्वस्थ रहता है। और हमारी सोचने की शक्ति बढ़ती है। और मन बिलकुल शांत हो जाता है।

वॉलीबॉल खेलने के पांच फायदे (Five benefits of playing volleyball)

  • इसे खेलने से हमारे फिंगर बहुत मजबूत हो जाते है हाथो कि कलाई पूरी तरह से खुल जाती है हम जैसे चाहे वैसे मूव कर सकते है।
  • यह न केवल एक खेल है बल्कि यह एक तरह का शारीरिक व्यायाम है. जिसे खेलने से हमारा शरीर फिट और ऊर्जावान बना रहता है।
  • यह एक तरह का विशिष्ट खेल है जो हमारे शरीर और दिमाग के लिए बहुत फायदेमंद होता है. क्योंकि इसे खेलने से लंबे समय तक चलने वाली बीमारी को होने से रोका जा सकता है।
  • इसे खेलने से किसी भी व्यक्ति की उम्र का अंतर समझ में नहीं आता व्यक्ति जवान दिखता है. (उम्र के अनुसार) उम्र के हिसाब से इंसान अंदर से एक्टिव रहता है। उसे लगता है कि वह अभी भी दूसरों की तुलना में उम्र में कम है अधिकतर वृद्धावस्था होने के कारण भी युवावस्था को भी समझा जाता है. क्योंकि वह अंदर से फिट और स्वस्थ महसूस करते हैं।
  • इसको खेलने से दिमाग एकाग्र रहता है। और डिप्रेशन में जाने की संभावना बहुत कम होती है।

वॉलीबॉल खेलने से कई तरह के मानसिक लाभ होते हैं। जो हम आपको बताने जा रहे हैं।

इसको खेलने से दिमाग पूरी तरह से रिलैक्स हो जाता है। मानसिक रूप से व्यक्ति कभी भी बीमार नहीं पड़ता, वॉलीबॉल खेलने वाले किसी भी व्यक्ति के मानसिक रूप से सुस्त होने की संभावना बहुत कम होती है. इसे खेलने से दिमाग की मांसपेशियां पूरी तरह से खुल जाती हैं। जिससे सोचने और समझने की शक्ति बढ़ती है. और मन में अनावश्यक की बकबक दूसरों की अपेक्षा बहुत कम हो जाती है. क्योंकि हमारे दिमाग में ठहराव बना रहता है। हम अंदर से खुश महसूस करते हैं। और जो व्यक्ति अंदर से खुश रहता है. वह कभी भी साइकोलॉजिकल बीमार नही पड़ता है।

वॉलीबॉल के फायदे और नुकसान क्या हैं (What are the advantages and disadvantages of volleyball)

बॉल को फिंगर से सेट करके मारा जाता है। अगर हम फिंगर को सही तरीके से सेट करके वॉलीबॉल को हिट करते हैं. तो हमारी अंगुली सुरक्षित रहती है। और इसे ठीक से खेलने से कोई नुकसान नहीं होता है।

अगर हम इसे गलत तरीके से खेलना शुरू कर दें तो यह हमारे लिए बहुत हानिकारक होता है उदाहरण – ठीक से सेट की गई उँगलियों से नहीं खेलना।

अगर हम अपनी उंगली ठीक से सेट करके नहीं खेलते हैं। तो संभावनाएं हैं। कि हमारी उंगलियों में मोच आ जाएगी और उंगली भी टूटने का खतरा है. इसलिए जब भी आप इसे खेलना शुरू करें तो बेसिक लेवल से शुरुआत करें। और जब भी यह खेल को खेला जाता है. तो अपना बचाव करके खेला जाता है यह खेल बहुत ही सावधानी से खेला जाता है। तभी यह हमारे फायदे का कारण बनता है. नहीं तो इसे खेलना हमारे लिए नुकसानदायक भी हो सकता है।

स्वास्थ्य के लिए वॉलीबॉल लाभ (Volleyball benefits for health)

  1. अच्छी सेहत के लिए Volleyball खेलना बहुत फायदेमंद होता है। आज आप जानेंगे कि वॉलीबॉल खेलने से हमारी सेहत पर क्या असर पड़ता है।
  2. वॉलीबॉल खेलने से रोग प्रतिरोधक क्षमता दूर होती है।
  3. और इसे खेलने से हमारा तन और मन स्वस्थ महसूस करते हैं।
  4. हमारे अंदर एनर्जी देने वाले हार्मोन बनते हैं, जो हमारे सोचने और समझने की शक्ति का निर्माण करते हैं।
  5. इसे खेलने से ऑब्जरवेशन की शक्ति बढ़ती है अगर हम अपनी बुद्धि का सही दिशा में उपयोग करें तो हम बिना किसी फिल्टर के कुछ भी समझ सकते हैं. क्योंकि खेलने के बाद हमारा दिमाग शांत रहता है।
  6. इसे खेलने से किसी भी तरह की लंबी बीमारी से बचा जा सकता है क्योंकि यह हमारे तन और मन के लिए बहुत ही कारगर औषधि है. जिसे खेलने से हम पूरी तरह से स्वस्थ महसूस करते हैं और कोई भी खेल खेलने से हमारी मानसिकता सही दिशा में काम करने लगती है।

 

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